Skill Test Kya Hota Hai – स्किल टेस्ट कैसे होता है और इसके फायदे

इसी को ध्यान में रखते हुए स्किल टेक्स्ट लिए जाते हैं। आज के अपने इस आर्टिकल में हम आपको स्किल टेस्ट से जुड़ी हुई कुछ बातों से रूबारूह कराएंगे। जैसे कि Skill Test Kya Hota Hai, स्किल टेस्ट कैसे होता है और स्किल टेस्ट के प्रकार क्या है इन सब की जानकारी आज के अपने इस आर्टिकल में व्याख्या के साथ उसका आकलन करेंगे। आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें और स्किल टेस्ट संबंधित जानकारी को प्राप्त करें।

दोस्तों आज के दौर में नई तकनीकी के तहत आए दिन कार्य होते रहते हैं। इसी को देखते हुए कोई भी कंपनी या सरकार स्किल योजनाओं के ऊपर बहुत ही ज्यादा फोकस कर रही है। ताकि उनको ऐसे नौजवान या कौशल्य व्यक्ति मिले जो उनके अनुकूल काम करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन करें। जिससे उनको अपनी कंपनी या उद्योग को आगे बढ़ाने मतलब विकसित करने का अवसर मिले।

Skill Test Kya Hota Hai

Skill Test Kya Hota Hai

दोस्तों स्किल टेस्ट एक तरह से किसी भी व्यक्ति के मूल्यांकन आकलन करने का तरीका होता है। इसका इस्तेमाल अधिकतर एंप्लाइज पर किया जाता है या ऐसे व्यक्ति जो किसी कंपनी में या सरकारी नौकरी के तहत जाॅब पाना चाहते हैं। उनके व्यक्तित्व ज्ञान या कोई विशेष स्किल को आकलन करने के लिए इस स्किल टेस्ट को लिया जाता है।

जिससे यह पता लग जाता है कि वह व्यक्ति उस नौकरी के लायक है या नहीं है। कई बार तो कंपनियां या सरकारी कर्मचारी के व्यक्तियों के ऊपर भी कुछ-कुछ अंतराल समय के बीच में इस तरह के स्किल टेस्ट को लिया जाता है। ताकि उनके अंदर अधिक ज्ञान कौशलता का पता लगा सके। जिससे उनका मनोबल बढ़ता रहे।

स्टेनोग्राफी स्किल टेस्ट क्या है

स्टेनोग्राफर बनने के लिए किसी भी अभ्यार्थी को स्टेनोग्राफी के ज्ञान का होना बेहद आवश्यक होता है। स्टेनोग्राफी में शॉर्ट हैंड, कई तरह के सिंबल के तेज गति में लिखने का स्किल जरूर होना चाहिए। किसी भी भाषा जैसे हिंदी, इंग्लिश, बांग्ला इत्यादि के विभागों के जरूरत के हिसाब से टाइपिंग की जरूरत होती है।

स्टेनोग्राफी में शॉर्टहैण्ड नोट्स और उनके आगामी प्रतिलेखन स्किल की आवश्यकता पड़ती हैं। इसीलिए, स्टेनोग्राफी स्किल में मुख्यत: दो चरण होते हैं, जिसे हमने नीचे विस्तार से बताने का प्रयास किया है, आगे जरूर पढ़े।

1 – स्टेनोग्राफी शॉर्टहैण्ड

शॉर्टहैण्ड शब्द-संक्षेप और विषय तरीके के प्रतीकों के माध्यम से तेज गति से लेखन का एक तरीका है और इसको विशेष रूप से श्रुतलेख लिखने के लिए उपयोग किया जाता है। स्किल टेस्ट के लिए अभ्यर्थी को श्रुतलेख दिया जाएगा और फिर उसे शीट पर शॉर्टहैण्ड द्वारा नोट्स बनाने होंगे। दी गए शीट पर जो नोट्स आप लिखते हैं उन्हें फिर से स्किल टेस्ट के चरण-2 में उपयोग किया जाता हैं। जिसे आप नीचे से समझ सकते है।

2 – स्टेनोग्राफी प्रतिलेखन और टाइप-राइटिंग

प्रतिलेखन और टाइप राइटिंग किसी वार्तालाप, भाषण की रिकॉर्डिंग या किसी नोट्स के आधार पर लिखा गया एक नोट होता है। इस स्किल में अभ्यर्थी को निर्धारित नोट्स का प्रतिलेखन करना होता हैं और फिर इस प्रतिलेखन को कंप्यूटर पर टाइप करना होता हैं।

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SSC chsl स्किल टेस्ट क्या है

SSC Chsl परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले इच्छुक उम्मीदवार के पास भी कुछ जरूरी स्किल जरूर होने चाहिए, जिससे वह इस परीक्षा को आसानी से क्वालीफाई कर पाए। कंप्यूटर आधारित परीक्षा या टाइपिंग परीक्षा ही SSC Chsl की मुख्य स्किल टेस्ट है। जिसको SSC Chsl के उम्मीदवार को जरूर सीखना चाहिए।

स्किल टेस्ट कैसे होता है

  • एक स्किल टेस्ट करने के लिए ऐसे प्रश्नों का चयन करें। जो उम्मीदवार के ज्ञान और उसकी कुशलता के तहत हो। जिससे उम्मीदवार उन प्रश्नों के अनुकूल क्या उत्तर देता है? इसका ज्ञान स्किल टेस्ट करने वाले या कहें भूमिकाओं के तहत पता लगा सकते हैं।
  • ऐसे प्रश्नों को पूछें जो उस व्यक्ति की जॉब से संबंधित होता है।
  • ऐसे प्रश्नों को संकलित करना होता है, जो हुमेन एलिमेंट्स के तहत भविष्यवाणी करें और मापदंडों को मापे।
  • स्क्रीनिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उसके अनुकूल या कहें जॉब के अनुकूल डाटे को एकत्रित कर उसका इस्तेमाल करना होता है।

स्किल टेस्ट के लाभ

अधिकतर आप लोगों ने देखा होगा कि स्किल टेस्ट को इस तरह से निर्मित किया गया है। कि जिसके द्वारा हम व्यक्तियों के अंदर छुपे हुए उनके स्किल डिवेलपमेंट के तहत मूल्यांकन कर सकते हैं। ऐसे ही कुछ स्किल टेस्ट के लाभ जो इस प्रकार है। जिसके बारे में हम आपको निचे विस्तार से बताने जा रहे है।

भर्ती चयन

दोस्तों किसी भी भर्ती के लिए अच्छे योग्य उम्मीदवार का चुनाव करने के लिए या उनकी पहचान करने के लिए स्किल टेस्ट बहुत ही ज्यादा सहायता करता है। क्योंकि आपने अक्सर देखा होगा कि जब भी कोई व्यक्ति किसी भी जॉब के लिए आवेदन करता है। तब वह मात्र कागजों के अनुकूल ही उस जॉब को पाने के लिए आवेदन करता है। इस स्किल टेस्ट की बदौलत से हम उस व्यक्ति के हुनर की जांच कर सकते हैं। ताकि उनके अंदर छुपे हुए कौशल को जानते हुए उनकी भर्ती के अनुकूल चयन कर सकते हैं।

पर्सनलाइज़ेशन डिवेलपमेंट प्लान

एक बेहतरीन स्किल इंस्टा स्ट्रक्चर ऐसे क्षेत्र को चुनने के लिए सहायता प्रदान करता है। जिस क्षेत्र में व्यक्तियों को कुछ सीखने या अच्छी योजनाओं के तहत कार्य करने में बहुत ही आसान बना देता है। ताकि वह उस क्षेत्र को किसी प्लान के तहत काम करते हुए डिवेलपमेंट की और ले जाए। क्योंकि हर व्यक्ति के अंदर स्किल या ज्ञान के हर गुण नहीं होते है। लेकिन इससे यह साबित नहीं हो जाता है कि वह इस नौकरी को पाने के लायक नहीं है। इसीलिए उसके अंदर पर्सनलाइजेशन डिवेलपमेंट के तहत स्किल को विकसित करना।

कर्मचारी जुड़ाव

स्किल टेस्ट या कहें स्किल ऐसे कर्मचारियों को निरन्तर किसी भी क्षेत्र में कुछ नया सीखने के लिए उत्साहित करता रहता है। जिससे कर्मचारी नए क्षेत्र में सीखने की इच्छा से कार्य करते रहते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का जुड़ाव बना रहता है। स्किल टेस्ट एक तरह से कर्मचारियों को विकसित करने का तरीका है। जिससे कर्मचारी के ज्ञान को या उनके कौशल को निखारा जाए।

आज के दौर में कुछ ऐसे ही स्किल जिनकी अत्यधिक डिमांड है।

क्रिटिकल थिंकिंग

किसी भी कर्मचारी और नवयुवक के लिए क्रिटिकल थिंकिंग रखना बहुत ही आवश्यक होता है। क्योंकि इस स्किल की मदद से कर्मचारी अपने अंदर दूसरों से हटकर एक विशेष स्किल को जन्म देते है। जिससे उन्हें कंपनी के तहत आ रही किसी भी समस्या या आने वाली किसी भी समस्या के तहत क्रिटिकल थिंकिंग के अनुसार भविष्यवाणी कर सके और उस समस्या से निदान दिला सके।

काॅममुनिकेशन स्किल

इस तरह की स्किल व्यक्ति को विशेष बना देती है। उदाहरण से समझे अगर आपके अंदर विशेष कौशल के तहत कार्य करने की क्षमता है। लेकिन उस ज्ञान को दूसरों को देने की क्षमता नहीं है। तो उस स्थिति में आपके अंदर जितना भी कौशल स्किल डिवेलपमेंट के तहत ज्ञान है। वह सारा व्यर्थ हो जाएगा। इसीलिए दूसरे व्यक्तियों के साथ कम्युनिकेशन बनाए रखने और उनको अपनी बात दृढ़ता से बताने की स्किल का होना भी आवश्यक है। यह आज के दौर की अत्यधिक डिमांड वाली स्किल में से एक है।

क्रिएटिविटी स्किल

ऐसी कंपनी या उद्योग जो किसी भी क्षेत्र में नये हो। उनको क्रिएटिविटी स्किल के तहत ऐसे कर्मचारियों की तलाश रहती है। जो उनके कंपनी और उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

स्किल असेसमेंट के प्रकार

पर्सनैलिटी टेस्टिंग DISC या मायर्स ब्रिग्स

लीडरशिप एसेसमेंट

इस तरह की स्किल से हम बेहतरीन लीडरशिप एसेसमेंट को तैयार कर सकते हैं। क्योंकि किसी भी कार्य को करने के लिये लीडरशिप होना और उसके अंदर लीडरशिप की क्वालिटी होना अति आवश्यक है।

साइकोमैट्रिक और DISC टेस्ट का मिश्रण

इस तरह की स्किल के जरिए आप उम्मीदवारों को एक साथ अंतर्दृष्टि कौशल रणनीति का परीक्षण कर सकते हैं।

साइकोमेट्रिक परीक्षण

इस तरह के स्किल में किसी भी समस्या के तहत समाधान से निदान पाने की क्षमता या मानसिक तौर से तनाव मुक्त रहने की क्षमता और विशेष तौर पर किसी भी नेतृत्व कौशल दिखाने की क्षमता का परीक्षण हो सकता है।

मैनेजमेंट टीम

इस तरह की स्किल का इस्तेमाल करते हुए हम एक विशेष प्रकार की टीम का आकलन कर सकते हैं। जो अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करें।

निष्कर्ष

आज हमने इस आर्टिकल में Skill Test Kya Hota Hai, स्टेनोग्राफी स्किल टेस्ट क्या है, स्किल टेस्ट कैसे होता है, स्किल टेस्ट के प्रकार क्या है इत्यादि के बारे में समस्त जानकारी आपके समक्ष रखी। हम आशा करते है कि आपको यह आर्टिकल बहुत पसंद आई होगी। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो कृपया इसे जरूर शेयर करे और अगर आपके मन में इस आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल या विचार है तो हमे नीचे comment करके आसानी से बता सकते है।

FAQs

Q. स्किल टेस्ट का क्या मतलब होता है?

Ans. ऐसे व्यक्ति जो किसी कंपनी में या सरकारी नौकरी के तहत जाॅब पाना चाहते हैं। उनके व्यक्तित्व ज्ञान या कोई विशेष स्किल को आकलन करने के लिए इस स्किल टेस्ट को लिया जाता है।

Q. स्किल टेस्ट करना क्यों जरूरी है?

Ans. कंपनियां या सरकारी कर्मचारी के व्यक्तियों के ऊपर भी कुछ-कुछ अंतराल समय के बीच में इस तरह के स्किल टेस्ट को लिया जाता है। ताकि उनके अंदर अधिक ज्ञान कौशलता का पता लगा सके। जिससे उनका मनोबल बढ़ता रहे।

Q. स्टेनोग्राफी स्किल टेस्ट से क्या तात्पर्य है?

Ans. स्टेनोग्राफर बनने के लिए किसी भी अभ्यार्थी को स्टेनोग्राफी के ज्ञान का होना बेहद आवश्यक होता है। स्टेनोग्राफी में शॉर्ट हैंड, कई तरह के सिंबल के तेज गति में लिखने का स्किल जरूर होना चाहिए।