ICF Kya Hota Hai – फुल फॉर्म, LHB कोच मे अंतर

भारत के अंदर जनसंख्या की बात करें तो पूरे विश्व की एक प्रतिशत आबादी भारत के अंदर रहती है। इस आबादी में से अत्यधिक लोगों के पास अपना आने-जाने के लिए सुविधा वाहन नहीं है। इसीलिए लोग सरकारी बसों और सरकारी ट्रेनों का अत्यधिक इस्तेमाल करते हैं। भारत के अंदर रेल लाइन या कहें रेलगाड़ी का इस्तेमाल यात्रीयों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए अत्यधिक होता है।

इसी को देखते हुए भारत के अंदर शुरुआती दौर में ICF कोच फैक्ट्री का उत्पादन किया गया था। जिसका मुख्य काम भारतीय रेलवे के लिए कोच डिब्बो का निर्माण करना है। आज के अपने इस आर्टिकल में हम आपको ICF के बारे में जानकारी देंगे। ICF Kya Hota Hai, ICF और LHB कोच मे अंतर इत्यादि सब की जानकारी आपको विस्तार पूर्वक देने जा रहे हैं। आप हमारे इस आर्टिकल को अंतर जरूर पढ़ें।

ICF Kya Hota Hai

ICF एक ऐसी मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री है। जो भारतीय रेलवे की यूनिट का प्रोडक्शन करती है अर्थात भारतीय रेलवे के डिब्बों का निर्माण करती है। जिसमें यात्रीयों को ले जाया जाता है। इस फैक्ट्री की शुरुआत वर्ष 1952 में उस समय के मौजूदा प्रधानमंत्री श्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के द्वारा किया किया था। जहां तक इस फैक्ट्री की लोकेशन की बात करें, तो यह भारत के चेन्नई, पेरंबूर, तमिलनाडु में लगाया गया था।

यह कारखाना भारत के अंदर वर्ष 1947 के बाद आजादी के उपरांत लगाया गया था। उस समय इस तरह का कारखाना लगाना भारत के अंदर अपने आप में एक इंफ्रास्ट्रक्चर की फील्ड में उपलब्धि माना जाता था। इस कारखाने के अंदर भारतीय रेलवे के कोच या कहें डिब्बों को तैयार किया जाता था। जिसे हम ICF के नाम से जानते हैं।

ICF का फुल फॉर्म

ICF का फुल फॉर्म इंग्लिश में “Integral Coach Factory” होता है। जबकि ICF को हिन्दी में “इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (कारखाना)” कह सकते है।

ICF कोच मे क्या बनाया जाता है

ICF कोच में भारतीय रेलवे के डिब्बों का निर्माण किया जाता है। जिसे हम कोच कहकर पुकारते हैं। इस फैक्ट्री में रेल के हर तरह के कोच को बनाया जाता है। जिसमें यात्रीयों को एक जगह से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता हैं।

यह कोच जनरल कैटेगरी, स्लीपर कैटेगरी और AC कैटेगरी के भी होते हैं। इसके अलावा डेमू और मेनू कोच भी होते है। ICF कोच में बनाए गए रेल के डिब्बे एक बेहद ही मजबूत और स्टेनलेस स्टील से तैयार किये जाते हैं। जो कि भारी-भरकम वजन के साथ बनाए जाते हैं।

इस रेल के डिब्बों का रंग नीला होता है। ICF कोच को बनाने का काम वर्ष 1952 से लेकर वर्ष 1999 के आसपास तक चलता रहा। बाद में ICF कोच को बंद कर दिया गया और इसके बाद LHB ने रेल कोच बनाने का काम शुरू किया। LHB कोच जोकि ICF कोच की जगह पर हल्के और नई तकनीक से बनाए जाते हैं। LHB कोच क्या है? इसके बारे में हम आपको नीचे विस्तार से बताते है।

LHB कोच क्या होता है

LHB कोच, जिसे हम Linke Hofmann Busch कहते है। यहा एक कोच बनाने की फैक्ट्री है, जिसका निर्माण वर्ष 2000 में किया गया था। इस फैक्ट्री की लोकेशन की बात करें, तो यह भारत के पंजाब राज्य में कपूरथला नामक स्थान पर स्थित है। इस फैक्ट्री के अंदर नई तकनीकी और अत्यधिक सुविधा के साथ रेल इंजन के डिब्बों का निर्माण किया जाता है।

इन रेल डिब्बों को हम कोच कहते हैं। इस नयी तकनीकी से रेल कोच बनाने की यह फैक्ट्री जर्मनी की एक कंपनी के द्वारा लगाई गई है। इस कंपनी के अंदर नई तकनीकी से कोच के डिब्बों का निर्माण किया जाता है। इस फैक्टरी के द्वारा बनाये गए रेल डिब्बों का रंग लाल होता है। यह कोच के डिब्बे ICF कोच के अनुसार अच्छे और बहुत ही हल्के और गुणवत्ता में अच्छे होते है।

ICF कोच और LHB कोच में अंतर

ICF कोच और LHB कोच में अंतर की बात करें तो इसमें काफी ज्यादा अंतर देखा गया है। जिसे हम नीचे विस्तार पूर्वक आपको एक-एक करके बताएंगे।

(ICF COACH)

ICF कोच के माध्यम से बनाए गए रेल डिब्बे की बात करे। तो यह रेल डिब्बे स्टेनलेस स्टील से तैयार किए जाते है। जो की वजनदार और भारी-भरकम होते है। जब यह डिब्बे रेल पटरी पर चलते है, तो अत्यधिक कंपन पैदा करते है। जिससे की अंदर बैठे यात्रियों को झटके महसूस होते थे।

ICF कोच के अंदर सस्पेंशन सिस्टम की गुणवत्ता अच्छी नहीं थी। जोकि 80DB से भी अधिक आवाज करता है।

इसके अलावा ICF कोच के द्वारा बनाए गए रेल डिब्बों का कलर नीला होता है।
ICF कोच में एयर ब्रेक सिस्टम का इस्तेमाल होता है। जिसे रिजेनरेटिंग सिस्टम कहते है।

ICF कोच के रफ्तार की बात करें तो इसको 160/KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए बनाया गया है। लेकिन जब इन्हें रेल इंजन के द्वारा चलाया जाता है। तो इनकी स्पीड 120KM/ प्रति घंटे के हिसाब से होती है।

ICF कोच के द्वारा बनाए गए डिब्बों में सीट की बात करें। तो इसमें सीटों की क्षमता भी बहुत ही कम होती है। इसके अंदर स्लीपर डिब्बे की 72 सीट होती है। थर्ड एसी की 64 की सीट होती है। सेकंड एसी 46 की सीट होती है और फर्स्ट एसी 18 की सीट होती है।

ICF के द्वारा बनाए गए रेल डिब्बो के अंदर बर्थ सीट की संख्या कम होने के कारण एक रेल इंजन में 24 कोच को लगाया जाता था। इसके अलावा तीन अंडर रिजर्व कोच लगाने की भी जगह होती थी।

(LHB COACH)

LHB कोच के द्वारा बनाए गए रेल डिब्बों की बात करे। तो यह डिब्बे ICF के द्वारा बनाये गए रेल डिब्बो की जगह अच्छी गुणवत्ता के है और इनका वजन भी कम है।

जब यह रेल डिब्बे, रेल इंजन के साथ पटरी पर चलते हैं। तो अत्यधिक कंपन नहीं करते हैं। क्योकिं यह रेल डिब्बे माइल्ड स्टील से बनाए जाते है। LHB कोच की बात करें तो इन रेल डिब्बो का रंग लाल है।

LHB कोच को इस तरह से डिजाइन किया गया है। कि इनमें यात्रीयों के बैठने के लिए आरामदायक सीट्स लगाई गई है। जिससे वह सफर के दौरान उसका आनंद ले सकते हैं।

इन डिब्बों को ICF के द्वारा बनाए गए डिब्बों से अत्यधिक आधुनिक तरीके से तैयार किया गया है।

LHB कोच के द्वारा बनाए गए डिब्बों में सीट की बात करें। तो इसमें सीटों की क्षमता अधिक है। इसके अंदर स्लीपर डिब्बे की 76 सीट होती है। थर्ड एसी की 72 की सीट होती है। सेकंड एसी 58 की सीट होती है। फर्स्ट एसी 22 से 24 तक की सीट होती है। जोकि ICF कोच के बदोलत अत्यधिक है।

LHB कोच की रफ्तार की बात करें। तो इसको 200/KM प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने के लिए बनाया गया है। लेकिन जब इन्हें रेल इंजन के द्वारा चलाया जाता है। तो इनकी स्पीड 160/KM प्रति घंटे के हिसाब से होती है।

LHB के द्वारा तैयार किये गए डिब्बो की बात करे। तो यह लंबाई और चौड़ाई में भी काफी अत्यधिक है। इसलिए एक रेल इंजन के साथ मैक्सिमम या ज्यादा से ज्यादा 22 डिब्बों को जोड़ा जाता है।

LHB कोच में “सेंटर बस कपिंग” यानी CBC का इस्तेमाल किया जाता है। जिसकी मदद से जब ट्रेनें रूकती है या एक दूसरे से टकरा जाती है। तो उस स्थिति में झटके महसूस नहीं होते है और ट्रेनों के डिब्बे भी एक दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते हैं। जिसकी वजह से ज्यादा नुकसान होने का खतरा कम हो जाता हैं।

LHB कोच में डिस्क ब्रेक सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही दो सस्पेंशन सिस्टम का भी उपयोग होता है।

ICF Kya Hota Hai निष्कर्ष

आज हमने इस लेख में ICF Kya Hota Hai, ICF और LHB कोच मे अंतर इत्यादि के बारे में बहुत ही सरल और आसान शब्दों में समझाया और इससे जुड़ी समस्त जानकारियां आप तक पहुंचाई।

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प्रश्न: आईसीएफ का मतलब क्या होता है?

उत्तर: ICF एक ऐसी मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री है। जो भारतीय रेलवे की यूनिट का प्रोडक्शन करती है अर्थात भारतीय रेलवे के डिब्बों का निर्माण करती है।

प्रश्न: आइसीएफ कोच की लंबाई कितनी होती है?

उत्तर: आईसीएफ कोच की लंबाई लगभग 22.8 मीटर होती है और इस हिसाब से सामान्य ट्रेन की 24 कोच वाली ट्रेन की लंबाई 534. 72 मीटर होगी।

प्रश्न: आईसीएफ का फुल फॉर्म क्या है?

उत्तर: ICF का फुल फॉर्म इंग्लिश में “Integral Coach Factory” होता है।

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